Description
वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिवेश में विपणन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण एवं बहुआयामी हो गई है। तीव्र प्रतिस्पर्धा, तकनीकी नवाचार तथा उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं के कारण संगठनों को अपने विपणन दृष्टिकोण में निरंतर परिवर्तन एवं सुधार करना पड़ता है। इस संदर्भ में विपणन प्रबंधन केवल उत्पादों एवं सेवाओं के विनिमय तक सीमित न रहकर एक रणनीतिक प्रक्रिया के रूप में विकसित हो चुका है, जिसमें उपभोक्ता संतुष्टि, मूल्य सृजन तथा दीर्घकालिक संबंधों की स्थापना प्रमुख उद्देश्य बन गए हैं।प्रस्तुत पुस्तक “विपणन प्रबंधन” में विपणन के सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक पहलुओं का समन्वित अध्ययन प्रस्तुत किया गया है। इसमें विपणन के मूल सिद्धांत, विकास एवं अवधारणाएँ, विपणन पर्यावरण, उपभोक्ता व्यवहार, बाजार अनुसंधान, बाजार विभाजन, लक्ष्यीकरण एवं पोजिशनिंग, उत्पाद नीति, मूल्य निर्धारण, वितरण तंत्र, प्रोमोशन, ब्रांडिंग, डिजिटल विपणन, सेवा विपणन तथा विपणन रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों का व्यवस्थित एवं विश्लेषणात्मक विवेचन किया गया है।यह पुस्तक विशेष रूप से स्नातक, परास्नातक, वाणिज्य एवं प्रबंधन के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। इसमें प्रस्तुत सामग्री को सरल, स्पष्ट एवं तार्किक ढंग से व्यवस्थित किया गया है, जिससे पाठक विषय की गहन समझ विकसित कर सकें। आशा है कि यह पुस्तक विपणन प्रबंधन के अध्ययन एवं अध्यापन में एक महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध होगी।